लड़की,बेटी, महिला, नारी...
है यही क्यों सशक्तिकरण के अधिकारी ?
बदौलत जिसकी संसार को रचा गया,
आखिर उसी को कम क्यों आंका गया ?
रखकर शिक्षा की समझ से दूर,
चढ़ाया कहकर उसे सौन्दर्य का नूर
माना
कुदरत ने महिला को ही सारा दर्द देने की
कि नाइंसाफी,
लेकिन इस पुरुष-प्रधान देश ने भी न मांगी
कभी अपने किये की माफ़ी।
सरस्वती, लक्ष्मी, दुर्गा, काली जैसे तथाकथित दिये नाम
क्या सही में मिला हर महिला को सच्चा सम्मान ?
सीमित नही होना चाहिए उसके लिये कोई मुक़ाम,
भरने दो हर महिला को होंसलों भरी उड़ान
भरने दो हर महिला को होंसलों भरी उड़ान!!
- दीक्षा
W - Warm Hearted
O - Observant
M - Merciful
E - Emotive
N - Natural
👌👍
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