शिक्षिका दिवस - 3 जनवरी

 

आज ही के दिन 3 जनवरी 1831 को एक ऐसी महान महिला का जन्म हुआ जिनकी बदौलत आज भारत देश की हर लड़की को पढ़ने का हक मिला-
सावित्रीबाई फुले - भारत की प्रथम महिला शिक्षिका


वे स्कूल जाती थीं, तो विरोधी लोग उनपर पत्थर मारते थे। उन पर गंदगी,कीचड़, गोबर, विष्ठा तक फेंका करते थे। सावित्रीबाई एक साड़ी अपने थैले में लेकर चलती थीं और स्कूल पहुँच कर गंदी कर दी गई साड़ी बदल लेती थीं। आज से 171 साल पहले बालिकाओं के लिये जब स्कूल खोलना पाप का काम माना जाता था तब ऐसा होता था। -  Wikipedia


1848 को पुणे में महिलाओं के लिये प्रथम स्कूल खोला।
सावित्रीबाई ने अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर कुल 18 स्कूल खोले थे।


उनका उद्देश्य समाज में विधवा विवाह करवाना, छुआछूत मिटाना, महिलाओं की मुक्ति और उनको शिक्षित बनाना था। -  drishti ias

उन्‍होंने 28 जनवरी, 1853 को गर्भवती बलात्‍कार पीड़ितों के लिए बाल हत्‍या प्रतिबंधक गृह की स्‍थापना की। - the print

वर्ष 2015 में, उनके सम्मान में पुणे विश्वविद्यालय का नाम बदलकर सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय कर दिया गया था।


"स्वाभिमान से जीने के लिये पढ़ाई करो, पाठशाला ही इंसानों का सच्चा गहना है!" - सावित्रीबाई फुले

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